क्या होता जा रहा है. एक और बुरी आदत आ के चिपट गयी है.
और वो भी ऐसी की अगर किसी को बताया जाए तो या तो उन्हें समझ नहीं आएगा या हँस-हँस के पागल हो जायेंगे. पता नहीं था की एक दिन ये नादान सी बात भी bad habits में शुमार हो जायेगी.
बस अब और कुछ नहीं कह सकती. ना जाने क्या होगा इस दुनिया का. तमीज़-अदब तो हज़म ही नहीं होता किसी को आजकल.

I know what you’re talking about. XD
By: Shehrazad on July 4, 2010
at 7:45 AM